छत्तीसगढ़ भाजपा सरकार का अभूतपूर्व निर्णय : दिनेश राजपूत

राज्य कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक सुरक्षा कवच

बृजपाल सिंह हूरा….✍️

तखतपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा सरकार ने राज्य के शासकीय कर्मचारियों के हित में एक ऐतिहासिक, दूरदर्शी और कर्मचारी हितैषी निर्णय लेते हुए उन्हें सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा का मजबूत कवच प्रदान किया है। राज्य शासन और भारतीय स्टेट बैंक के बीच हुए महत्वपूर्ण एमओयू के तहत अब राज्य कर्मचारियों को बिना किसी अतिरिक्त प्रीमियम के 1 करोड़ 60 लाख रुपये तक का बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा।

        इस निर्णय को कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक मील का पत्थर बताते हुए पूर्व जिला अध्यक्ष शिक्षक संघ दिनेश राजपूत गुरूजी ने छत्तीसगढ़ सरकार का जोरदार स्वागत एवं अभिनंदन किया है। राज्य शासन और एसबीआई के बीच किए गए इस एमओयू के तहत एसबीआई में वेतन खाता रखने वाले नियमित शासकीय कर्मचारियों को अनेक बीमा एवं सुरक्षा सुविधाएँ पूरी तरह नि:शुल्क प्रदान की जाएगी। इन सुविधाओं के लिए कर्मचारियों को कोई अतिरिक्त प्रीमियम नहीं देना होगा, जो इसे देश की सबसे व्यापक कर्मचारी-कल्याणकारी योजनाओं में शामिल करता है।

     एमओयू के अनुसार कर्मचारियों को 1 करोड़ का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, 1 करोड़ 60 लाख का हवाई दुर्घटना बीमा, 1 करोड़ का स्थायी पूर्ण दिव्यांगता बीमा, 80 लाख का आंशिक दिव्यांगता बीमा, 10 लाख का समूह जीवन बीमा। एसबीआई रुपे कार्ड पर 1 करोड़ के बीमा कवर के साथ अतिरिक्त 10 लाख का लाभ स्वास्थ्य बीमा टॉप-अप जैसी सुविधाएँ रियायती दरों पर उपलब्ध। इन सभी सुविधाओं का लाभ कर्मचारियों को बिना किसी आर्थिक बोझ के मिलेगा, जिससे उनके और उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी। दिनेश राजपूत ने कहा कि यह निर्णय न केवल कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करता है बल्कि उनके मन में शासन के प्रति विश्वास और सम्मान को भी सुदृढ़ करता है। बिना अतिरिक्त प्रीमियम के इतनी व्यापक बीमा सुविधा देना सरकार की संवेदनशील सोच, मजबूत प्रशासन और सुशासन का प्रमाण है। लंबे समय से कर्मचारी संगठनों द्वारा सुरक्षा और बीमा सुविधाओं की मांग की जा रही थी जिसे छत्तीसगढ़ भाजपा सरकार ने गंभीरता से लेते हुए साकार किया है। दिनेश राजपूत ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, विधायक धर्मजीत सिंह के प्रति हार्दिक आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि यह एमओयू कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित होगा। इस तरह के फैसले यह दर्शाते हैं कि छत्तीसगढ़ सरकार केवल नीतियाँ ही नहीं बनाती, बल्कि उन्हें ज़मीन पर उतारकर कर्मचारियों को वास्तविक लाभ भी पहुँचाती है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भी राज्य सरकार कर्मचारियों के हित में इसी तरह के साहसिक, संवेदनशील और जनकल्याणकारी निर्णय लेती रहेगी।

error: Content is protected !!