बराबरी का दर्जा हासिल कर देश की आधी आबादी हर चुनौती को कर रही पार

देश की आधी आबादी हर चुनौती को स्वीकार करने को तैयार..

बृजपाल सिंह हूरा…✍️

तखतपुर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं की शक्ति, सम्मान, मर्यादा से जुड़ी बातों का मान रखते हुए क्षेत्र में अलग-अलग वर्ग की महिलाओं की अलग-अलग विचारधारा है।

महिला इतनी सक्षम है कि इतिहास रच दे : पूजा

पूजा मक्कड़

नगर पालिका अध्यक्ष पूजा मक्कड़ का मानना है कि महिलाएं परिवार के संस्कार, जिम्मेदारियां और अपनी मर्यादा का ध्यान रखते हुए अगर अपनी शक्ति को अपने भीतर समेट कर रख लेती है तो इसे उसकी कमजोरी कभी ना समझा जाए। देश के हर क्षेत्र के हर सर्वोच्च पद पर महिला ने अपनी काबिलियत सक्षमता को प्रदर्शित कर हर ललकार को चुनौती देकर साबित किया है कि यदि महिलाओं को शक्ति मिले तो वो इतनी सक्षम है कि वह इतिहास रच दे।

महिलाओं ने अपने हुनर हिम्मत से बराबरी का स्थान बनाया : वंदना

वंदना बाला सिंह

भाजपा महिला जिला महामंत्री वंदना बाला सिंह का मानना है कि घर आंगन से निकलकर “गन” तक, रसोई से लेकर “सुखोई” तक को आज नारियां संभाल रही हैं। आधुनिक दौर में हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपनी हुनर हिम्मत का प्रदर्शन कर बराबरी का स्थान बनाया है। हमारी सरकार के द्वारा भी लखपति दीदी महतारी वंदन जैसी योजनाओं के माध्यम से महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी पहल किया जा रहा है।

महिला खुद को कभी कमजोर ना समझे : अंबिका

अंबिका साहू

जिला पंचायत सभापति श्रीमती अंबिका साहू मानना है कि जिस देश को ही भारत माता कहा जाता है तो समझ लीजिए कि हमारी संस्कृति संस्कार में ही नारी शक्ति का कितना सम्मान है। दुनिया की बातों से हम महिलाओं को खुद को कमजोर नहीं समझना है। परिवार, घरेलू कार्यों के अलावा भी महिलाएं शिक्षा, राजनीति, उद्योग, व्यवसाय आदि हर क्षेत्र में पुरुष की पौरूषता से बढ़कर नारी ने नारी शक्ति का सम्मान बढ़ाया है।

नारी त्याग तपस्या बलिदान की प्रतिमूर्ति: प्रीति

प्रीति कौर हूरा

गृहणी प्रीति कौर हूरा का मानना है कि हर नारी का सम्मान होना चाहिए यही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान है क्योंकि सदियों से ही नारी त्याग तपस्या और बलिदान की प्रतिमूर्ति रही है। देश की हर नारी को अपने सपनों को उड़ान देना चाहिए, कभी भी किसी भी क्षेत्र में हार मानकर पीछे नहीं हटना है क्योंकि हम किसी से कम नहीं है। नई पीढ़ियों को भी देश की संस्कृति के साथ चलाना है।

प्रशासनिक राजनीतिक क्षेत्र में भी महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण : शिप्रा

शिप्रा सैमुएल

भाजपा महिला जिला उपाध्यक्ष एवं समाज सेविका शिप्रा सैमुएल का मानना है कि नारी शक्ति घर की चारदीवारी तक सीमित ना होकर हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाकर अपना योगदान दे रही है। प्रशासनिक और राजनैतिक क्षेत्र में उसका योगदान महत्वपूर्ण है। नारी में हर विपरीत परिस्थिति में संघर्ष कर समाज एवं राष्ट्र को नवीन दिशा प्रदान करने की क्षमता होती है।

महिलाएं भावुकता के साथ शक्तिशाली भी : अनुपमा

अनुपमा पांडेय

नगर पालिका सभापति श्रीमती अनुपमा अभिषेक पांडेय का मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का यह दिन महिलाओं के सम्मान, उनके संघर्ष और उनके महान योगदान को याद करने का दिन है। महिलाएं जितनी भावुक होती हैं उतनी ही शक्तिशाली भी होती हैं।हमारे भारत देश की बहुत सारी महिलाओं ने राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी शक्ति का लोहा मनावाया है।

नारी शब्द नहीं, शक्ति संवेदना का प्रतीक : कविता

कविता मंदानी

गृहणी कविता अमित मंदानी का मानना है कि नारी सिर्फ एक शब्द नहीं, शक्ति और संवेदना का प्रतीक है। हर वह महिला जो अपने सपनों के लिए खड़ी होती है, समाज को एक नई दिशा देती है। सशक्त नारी ही सशक्त समाज की नींव है। हम महिलाओं के सम्मान, समानता और अधिकारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें और एक नारी ही एक नारी का इज्जत मान सम्मान बढ़ा सकती है इस बात को ध्यान में हमें हमेशा रखना है।

आत्मविश्वासी नारी ही मजबूत परिवार समाज बुनियाद : ताहेरा

ताहेरा भारमल

गृहणी ताहेरा परवेज भारमल का मानना है हर वह महिला जिसने रूढ़ियों को तोड़ा है, हर वह बेटी जिसने मिसाल कायम की, हर वह माँ जिसने सपने संजोए है आज उन सभी को नमन करके ही महिला दिवस मनाना है। आत्मविश्वास से लबरेज नारी ही मजबूत परिवार समाज बुनियाद है। हर महिला अपने हौसलों को उड़ान देकर एक समतामूलक समाज का निर्माण कर रही है।

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